Tuesday, 27 March, 2012

भाकपा ने क्षेत्रीय दलों को कांग्रेस व भाजपा से दूर रहे


पटना,  भाकपा ने क्षेत्रीय दलों को कांग्रेस  भाजपा से दूर रहने की सलाह दी है।
गठबंधन राजनीति को वक्त का तकाजा बताते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एबी र्द्धन ने
मंगलवार को पटना में कहा कि देश में नए राजनीतिक समीकरण के लिए क्षेत्रीय पार्टियों को कांग्रेस एवं
भाजपा से दूर रहकर अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए।
वे पूंजीवादी व्यवस्था एवं कारपोरेट घरानों से प्रभावित हुए बिना अपनी स्पष्ट आर्थिक नीति बनाएं,
उन्हें वाम दलों का साथ मिलेगा।
मंगलवार को पटना के गांधी मैदान में जनसभा के माध्यम से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 21 वें महाधिवेशन
की शुरुआत हुई। जनसभा में श्री र्द्धन ने कहा कि
'कांग्रेस-भाजपा ने सभी हथकंडे अपनाए, लेकिन पांच राज्यों में हुए चुनाव में जनता ने
दूसरी पार्टियों को पसंद किया। लोग इन्हें जात-पांत पर आधारित क्षेत्रीय दल कहते हैं।
मैं कहता हूं इन्हें कांग्रेस एवं भाजपा से हटकर अपनी अलग पहचान बनानी होगी।
इन्हें तय करना होगा कि मजदूरों-मेहनतकशों के साथ जाएंगे या कारपोरेट घराने-पूंजीवादी व्यवस्था के साथ रहेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर इशारा करते हु
उन्होंने कहा कि भाजपा जैसी फिरकापरस्त ताकतों के साथ रहने से कुछ हासिल नहीं होगा।
राज्य सरकार का बहुत तरक्की करने का दावा शेखचिल्ली के दावे जैसा है। विशेष राज्य के दर्जे की
मांग का हम समर्थन करते हैं, लेकिन इसके लिए जनता का भी सहयोग चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीति वहां नहीं है जहां सोनिया गांधी हैं, या हाइकमान है।
राजनीति वहां है जहां लोग ज्वलंत मुद्दों को लेकर सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उस राजनीति से हमें जुड़ना होगा। छंटनी,
बेरोजगारी, खाद्य सुरक्षा, भ्रष्टाचार, जमीन आदि मुद्दों पर संघर्ष तेज होगा।
गोलियों और लाठियों का सामना भी करना होगा।
श्री र्द्धन ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा से इतर एक विकल्प तैयार करने की रणनीति महाधिवेशन में तय की जाएगी।
भाकपा इस पहल का नेतृत्व करेगी। अन्य वाम दलों से भी इस मुद्दों पर सहयोग एवं सलाह ली जाएगी।
जनसभा को पार्टी के उप हासचिव सुधाकर रेड्डी, राष्ट्रीय सचिव अमरजीत कौर,
अतुल कुमार अंजान और राज्य सचिव बद्री नारायण लाल ने भी संबोधित किया। मंच पर डी।राजा, गुरुदास गुप्ता,
शत्रुघ्न प्रसाद सिंह सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

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